चार दशक की शैक्षणिक यात्रा को मिला सम्मान, भावुक माहौल में दो प्राध्यापकों को दी गई विदाई
राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में प्रो. आशुतोष कुमार झा एवं डॉ. उर्मिला अरोरा हुए सेवानिवृत्त, शिक्षा जगत की अमूल्य सेवाओं को किया गया नमन
सहरसा।
शिक्षा केवल ज्ञान का प्रसार नहीं, बल्कि पीढ़ियों का निर्माण करने का संकल्प है। इसी संकल्प को दशकों तक जीवंत रखने वाले राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा के दो वरिष्ठ प्राध्यापक अंग्रेजी विभाग के प्रो. आशुतोष कुमार झा तथा भौतिकी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उर्मिला अरोरा शुक्रवार को अपनी दीर्घ, समर्पित एवं गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर भावनाओं से सराबोर हो उठा।
दोनों शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक प्रकोष्ठ में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने की। समारोह में शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके योगदान को नमन किया।
‘शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता’ : प्रधानाचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि “प्रो. आशुतोष कुमार झा एवं डॉ. उर्मिला अरोरा ने अपने ज्ञान, अनुशासन, कार्यनिष्ठा और सरल व्यक्तित्व से महाविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति संभव है, लेकिन एक शिक्षक अपने अनुभव, संस्कार और ज्ञान के कारण कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। इनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। महाविद्यालय परिवार इनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना करता है।”
‘महाविद्यालय हमारा परिवार रहा’ : प्रो. आशुतोष कुमार झा
सेवानिवृत्त प्रो. आशुतोष कुमार झा ने भावुक स्वर में कहा कि “राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय मेरे लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि परिवार रहा है। यहां विद्यार्थियों, सहकर्मियों और कर्मचारियों से जो स्नेह एवं सम्मान मिला, वह जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सेवा समाप्त हो सकती है, लेकिन शिक्षा और विद्यार्थियों से मेरा रिश्ता हमेशा बना रहेगा।”
‘विद्यार्थियों का स्नेह सबसे बड़ा पुरस्कार’ : डॉ. उर्मिला अरोरा
डॉ. उर्मिला अरोरा ने कहा कि “शिक्षण मेरे जीवन का सबसे सुंदर अध्याय रहा। विद्यार्थियों की सफलता और उनका स्नेह ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। महाविद्यालय परिवार से मिले सहयोग और आत्मीयता को मैं जीवनभर नहीं भूल सकूंगी। मैं सभी सहयोगियों और विद्यार्थियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।”
समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने दोनों प्राध्यापकों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखद जीवन की मंगलकामना की। विदाई के दौरान कई क्षण भावुक भी रहे। समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।







