डीएलएसए के जागरूकता अभियान में छात्रों को कानून, अधिकार और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी, नुक्कड़ नाटक व कला प्रदर्शनी बनी आकर्षण
कटिहार। समाज से बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (ASHA कार्यक्रम) के तहत शिक्षा विभाग के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), कटिहार द्वारा गांधी उच्च विद्यालय, न्यू कॉलोनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए “ड्रग्स फ्री इंडिया” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीएलएसए के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने कहा कि कानून की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बावजूद युवा वर्ग सूखे नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से समाज के सजग प्रहरी बनकर नशा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
डीएलएसए के मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह, सहायता और विधिक जानकारी उपलब्ध कराती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, जबकि नशा युवाओं की प्रतिभा और जीवन दोनों को बर्बाद कर देता है। उन्होंने विद्यालय में ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने का अनुरोध किया।
तटवासी समाज न्यास के प्रखंड समन्वयक प्रदीप कुमार ने बच्चों के अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181 तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार हेल्पलाइन 15100 की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से इन सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने नशे के दुष्प्रभाव पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया, जबकि कला प्रदर्शनी के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षिका कंचन प्रिया, मोनालिसा चौधरी, प्रियंका कुमारी, शशि कुमारी, रेणु कुमारी, शिक्षक सुमन कुमार, अजीजुर रहमान, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधियों, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा छात्र-छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।







