कहा— रामचरितमानस केवल ग्रंथ नहीं, भारतीय संस्कृति, मर्यादा और मानवता का शाश्वत पथप्रदर्शक

पूर्णिया। रामचरितमानस के अमर रचयिता, महान संत-कवि गोस्वामी तुलसीदास की पुण्यतिथि पर पूर्णिया सदर के विधायक विजय खेमका ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति, भक्ति, मर्यादा और मानवता के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी समाज को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
विधायक विजय खेमका ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि “मर्यादा, भक्ति और आदर्श जीवन के अमर संदेशों से मानवता का पथ आलोकित करने वाले रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी को उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटि-कोटि नमन। उनकी अमूल्य रचनाएँ सदैव समाज को सत्य, धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।”
उन्होंने कहा कि रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का जीवंत दस्तावेज है। भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुँचाने का जो कार्य गोस्वामी तुलसीदास ने किया, वह भारतीय साहित्य और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।
विजय खेमका ने कहा कि आज के समय में तुलसीदास जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हैं। समाज में सद्भाव, सेवा, करुणा, कर्तव्य और मर्यादा की भावना को मजबूत करने के लिए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करना आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संत-कवि तुलसीदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में नैतिकता, सदाचार और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लें। उनकी साहित्यिक और आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।