देशभर के विद्वानों का होगा समागम, संगोष्ठी के लिए शोध सार भेजने की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक
मुरलीगंज, मधेपुरा।
भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के अंगीभूत कमलेश्वरी प्रसाद महाविद्यालय (के.पी. कॉलेज), मुरलीगंज के हिंदी विभाग द्वारा 19 अगस्त 2026 को “गोस्वामी तुलसीदास : पुनर्पाठ एवं प्रासंगिकता” विषय पर हाइब्रिड मोड में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का उद्देश्य तुलसी साहित्य के साहित्यिक, सांस्कृतिक, दार्शनिक, सामाजिक तथा समकालीन संदर्भों पर व्यापक अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देना है।
संगोष्ठी के संरक्षक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार झा हैं। आयोजक हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतीक कुमार हैं, जबकि आयोजन सचिव सहायक आचार्य डॉ. विकास कुमार सिंह एवं आयोजन सह सचिव सहायक प्राध्यापक अजीत नारायण मंडल हैं।
आयोजकों ने बताया कि संगोष्ठी में देशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्वान, शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग लेंगे। कार्यक्रम में रामचरितमानस, विनय पत्रिका, तुलसी का लोकमंगल, सांस्कृतिक चेतना, भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, नैतिक मूल्य, पर्यावरण, नारी विमर्श, सुशासन तथा प्रबंधन जैसे समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
संगोष्ठी के लिए शोध सार भेजने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। चयनित शोधपत्रों का प्रकाशन ISBN युक्त शोध-संकलन में किया जाएगा। शोधपत्र हिंदी यूनिकोड (मंगल फॉन्ट) में निर्धारित प्रारूप के अनुसार आमंत्रित किए गए हैं।
आयोजन सचिव डॉ. विकास कुमार सिंह ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी शोध सार एवं शोधपत्र nationalseminarkpchindi1102@gmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं। पंजीकरण एवं अन्य जानकारी के लिए मोबाइल 8948280027 तथा 9174137324 पर संपर्क किया जा सकता है।
आयोजकों ने देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन विमर्श के बीच सार्थक अकादमिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।







