बिहार पृथ्वी दिवस पर आईएचएचएस एकेडमी में पर्यावरण का पाठ; विद्यार्थियों ने लिया 11 सूत्रीय संकल्प, वन विभाग ने दिया हरियाली का संदेश

बथनाहा (अररिया)।

बिहार पृथ्वी दिवस पर आईएचएचएस एकेडमी, बथनाहा में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पौधारोपण कर ‘हरियाली बढ़ेगी, तभी धरती बचेगी’ का संदेश दिया। पौधारोपण के साथ विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल और सुरक्षा करने का संकल्प भी लिया।
वन एवं पर्यावरण विभाग, बिहार के बथनाहा स्थित पौधशाला के वनक्षेत्र पदाधिकारी उमाशंकर राय ने अपने सहकर्मियों मंटू कुमार यादव, दीपक कुमार, पूनम कुमारी एवं रौशन कुमार के साथ विद्यार्थियों से पौधारोपण कराया। पौधे लगाते समय बच्चों में खासा उत्साह देखा गया।
पौधा लगाने से आगे बढ़ा संकल्प
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बच्चों ने केवल पौधारोपण तक सीमित रहने के बजाय पर्यावरण संरक्षण के लिए 11 सूत्रीय संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का निर्णय लिया।
संकल्प में जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने, जल संरक्षण, बिजली की बचत, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक के प्रयोग से बचने को शामिल किया गया। इसके अलावा जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहने, कम दूरी की यात्रा में पैदल या साइकिल का उपयोग करने, कागज की बर्बादी रोकने तथा खुले में शौच से मुक्त स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का भी संकल्प लिया गया।
‘पौधे को वृक्ष बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी’
कार्यक्रम में समाजसेवी शत्रुघ्न कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत पौधारोपण से जरूर होती है, लेकिन असली जिम्मेदारी पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की है। यदि लगाए गए पौधों की कम से कम तीन वर्षों तक नियमित देखभाल की जाए तो वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ का भी आधार बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना जरूरी है। उनमें विकसित जिम्मेदारी की भावना आगे चलकर परिवार और समाज में बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।
‘पर्यावरण बचाना सामूहिक जिम्मेदारी’
विद्यालय की निदेशिका रोजी देवी ने बिहार पृथ्वी दिवस पर विद्यार्थियों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, आगंतुकों और समाजसेवियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने विद्यार्थियों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संदेश साफ रहा—पौधा लगाना शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना असली संकल्प।