​किशनगंज।

​सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन मुजफ्फरपुर स्थित एमएसएमई विकास कार्यालय के तत्वाधान में खगड़ा किशनगंज के सम्राट अशोक भवन में खरीद और विपणन सहयोग योजना के तहत एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। एमएसएमई इकाइयों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक रमेश कुमार यादव, इंडिया पोस्ट के सौरव कुमार, डीपीएम अनुराधा और राकेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
​संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न प्राथमिक योजनाओं की जानकारी दी। इनमें सार्वजनिक खरीद नीति (PPP), सरकारी ई-मार्केट प्लेस (GeM), एक्जिम (EXIM) नीति, ई-कॉमर्स, मानक, डिजाइनिंग और पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इसके अलावा डिजिटल मार्केट और ई-कॉमर्स के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
​कार्यक्रम में भारतीय डाक की विशेष योजना “डाक निर्यात केंद्र (DNK)” के बारे में बताया गया, जिसके जरिए किशनगंज जैसे छोटे शहरों के हस्तशिल्प कारीगर और MSME इकाइयां अपने उत्पादों को आसानी से विदेश भेज सकती हैं।
​एमएसएमई विकास कार्यालय के सहायक निदेशक (ग्रेड-1) रमेश कुमार यादव ने बताया कि सार्वजनिक खरीद नीति के तहत MSEs इकाइयों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंत्रालय की खरीद एवं विपणन सहयोग योजना के तहत व्यापार मेलों में भाग लेने पर स्टॉल चार्ज, यात्रा खर्च और विज्ञापन के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति दी जाती है। इसके साथ ही उत्पाद प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) और बारकोड प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
​इस एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में क्षेत्र की लगभग 130 एमएसएमई और हस्तशिल्प से जुड़ी इकाइयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।